
बलरामपुर, विजय सिंह@छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर एवं उनके सदस्यों ने मंगलवार को बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आदिवासी समुदाय की भूमि सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा हेतु उचित न्याय की मांग करते हुए अवगत कराया कि

ग्राम जामवन्तपुर, तहसील रामानुजगंज, की भूमि के संदर्भ में जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि 2.154 हेक्टेयर के क्षेत्र में स्थित हैं जिसमें लंबे समय से प्रकरण चल रहा है
भूमि से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामला धारा-170 (ख) के तहत में विचाराधीन है, जिसमें संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा चुकी है। हालांकि, अब तक न्यायिक आदेश का पालन नहीं हुआ है और मामले में समयबद्ध तरीके से कार्रवाई नहीं हो पाई है।
साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और द्वारा जांच में जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों का गैर आदिवासी हितों से सांठगांठ है, जिससे आदिवासी समुदाय को उनका कानूनी हक नहीं मिल रहा है।
आदिवासी समाज ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जिले में आदिवासियों की भूमि पर गैर आदिवासी द्वारा अवैध कब्जा और निर्माण कार्य हो रहा है पुनः जांच कर करवाई की जाए। साथ ही जिला बलरामपुर के 170ख के मामले में लंबित केस को समय अवधि पुण पर निराकरण कर आदिवासीयो की भूमि को वापसी की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए जो गैर आदिवासी वर्ग द्वारा आदिवासी महिलाओं के नाम पर खरीदी गई हैं।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि अगर समय रहते न्याय नहीं मिलता तो छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, और इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता जिला सचिव कुलदीप तिर्की, महिला संरक्षक महिमा कुजूर, ब्लॉक अध्यक्ष सतन नगेशिया, अजय सिंह महेंद्र सिंह ,देवराज सिंह ,रेशम सिंह, सरस्वती सिंह ,कुलदीप सिंह, उमेश सिंह ,करण सिंह, एवं समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे






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