
बलरामपुर विजय सिंह@ हमारा भारत देश आज चांद पर पहुंच गया है और लगातार तरक्की की ओर आगे बढ़ रहा है.लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां एक भी टेलीविजन नहीं है, आज भी बिजली नही पहुचा इस गांव मे ग्रामीण कर रहे है मांग, क्रेडा विभाग के द्वारा लगाया गया था पांच पुर्व मे स्वर उर्जा लेकिन वह भी एक साल से हो गया है खराब, बरसात के मौसम आते ही लोगों को अब सताने लगी है सांप बिच्छू की डर तथा बच्चों की पढ़ाई मे काफी नुकसान हो रहा है लाइट बती रहता हो बच्चे रात में पढ़ाई करते.
बलरामपुर जिले में एक आज भी ऐसा गांव है जहां नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाला क्षेत्र चुनचुन पुंदाग क्षेत्र जहां पर आज सरकार की नकेल कसने के बाद नक्सली को भगाने में लोहा साबित हो गया है और नक्सलियों का खदेड दिया और अब लोगों के जहां में नक्सलियों का डर भी खत्म हो गया है,, लेकिन आज भी यहां पुंदाग गांव में एक भी टेलीविज़न नहीं है, इसके पीछे की वजह आपको सुने गे तो हैरानकर देगी पल-पल की खबर के साथ हम हर हर सरकार की योजनाओ को अपनी आंखो से घर बैठे देख रहे हैं. ये कमाल है टैक्नोलॉजी का, जिसने दूरियों को ना सिर्फ समेटा है बल्कि एक दूसरे को जानने में भी हमारी बेहद मदद की है. डिजिटल इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट भी है. अब हमारे देश के ज्यादातर गांवों तक इंटरनेट की पहुंच है और बिजली के साथ-साथ डायरेक्ट टू होम सर्विस ने देश को जोड़ने में भूमिका अदा की है. लेकिन टैक्नोलॉजी के इस दौर में भी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का गांव पुंदाग कहीं पीछे छूट गया है.और बिकास सिर्फ कागजो मे सिमट कर रह गाय है छत्तीसगढ़ सरकार खोखले साबित हो रहा है…
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के अंतिम छोर चुनचुन पुनदाग जो जिले के अंतिम छोर में है झारखंड से लगा हुआ और नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था जिसकी वजह से सरकार की यहां के गांव में योजना भी नहीं पहुंच पाती थी कई बार निर्माण कार्य में लगे मशीनों को भी आग हवाले कर दिया करते थे और यहां तक योजना नहीं पहुंच पाता था लेकिन किसी तरह से धीरे-धीरे सरकार अपनी योजना पहुंचाना शुरुआत तो कर दी और क्रेटा विभाग के तरफ से सौर सुजला योजना से यहां अंधेरे में रहने वाले लोगों के लिए रोशनी पहुंचना शुरुआत किया लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण आज भी यहां अंधेरे में गुजरने को मजबूर हो गए हैं बच्चों को आज रात मे अपने पढाई के लिए उजाले का सहारा नहीं मिल पा रहा है केवल ढिबरी के सहारे या तो अंधेरे में ही अपना होमवर्क करने को मजबूर हो गए हैं
कुसमी विकासखंड के चुनचुन पुनदाग क्षेत्र में आज भी विकास के पन्ने तो सरकार ने खोल दिया है लेकिन आज भी विकास की कुछ ऐसे सूत्र है जो यहां के लोगों के लिए मुनासिब नहीं हो पाया है बहुत सारे ऐसे सुविधा मुंहैया नहीं हो पता है जिसके वजह से लोगों को आज भी जीना बहुत ही कठिन हो गया है इस क्षेत्र के बच्चों को आज भी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही पिछड़ा हुआ है केवल आठवीं क्लास तक ही स्कुल है नक्सली प्रभावित क्षेत्र होने के कारण इस क्षेत्र में शिक्षा मिल पाती है आठवीं के बाद आगे की शिक्षा के लिए बच्चों को बाहर जाकर पढ़ाई करना पड़ता है इस वजह यह है कि यहां आज भी आठवीं तक ही स्कूल संचालित होता है,, इस गांव के लोगों का कहना है कि केवल उन्हीं के बच्चे आठवीं के बाद आगे की पढ़ाई करते हैं जिनके माता-पिता सुखी संपन्न हो और घर से बाहर दूर में पढ़ाई करने के लिए भेजते हैं और नहीं तो आगे की पढ़ाई नहीं हो पता है,, जिसके कारण आज भी यहां के बच्चे अशिक्षित ज्यादातर हैं इसलिए ग्राम पूंदाग पिछड़ा हुआ इलाका माना जाता है
जब सौर ऊर्जा को लेकर के जिले की क्रेडा अधिकारी सुमन किंडो जानने की कोशिश की गई तो उनके द्वारा कुछ कहने से इनकार कर दिया उन्होंने बताया हमारे उच्च अधिकारी अंबिकापुर बैठते हैं यह सब के बारे हमारे ई ई बोल सकेंगे मैं सौर ऊर्जा के संबंध में कुछ कहने लायक तथा जानकारी देने लायक मैं नहीं हूं अगर आपको सौर ऊर्जा की समस्या जानना है समझना है तो हमारे उच्च अधिकारी अंबिकापुर बैठते हैं जाकर उनसे पूछ सकते हैं इस मामले में साफ-साफ पता चलता है कि बलरामपुर जिला क्रेड़ा विभाग की अधिकारी सुमन किंडो पूरी तरह लापरवा है सुमन किंडो जी जिला अधिकारी बोले की मै किसी तरह की जानकारी नही दे पाउंगा






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