
विजय सिंह@बलरामपुर जिला के वन परिछेत्र रामानुजगंज के ग्राम पंचयात चन्द्रनगर मे फरेस्ट के भूमि पर खुले आम खरीदी बिक्री का खेल खेला जा रहा है। लेकिन वन बिभाग कब्जा छुडाने मे नाकाम साबित हो रहा है. ज़ब इस बात को लेकर वन विभाग के अधिकार से बात किया जता है,तो वन विभाग रामानुजगंज वन परिछेत्र अधिकारी के द्वारा कहते हैं की सभी ग्रामीण को नोटिस भेजा गया है. यदि आपके पास कोई बैध दास्तांवेज है तो पेस करें लेकिन चौकाने वाली यह बात है की ज़ब नोटिस दिये काफ़ी दिन हो गए तो फिर आज तक वन विभाग चुप क्यों है आखिर कारवाई कब तक करेगी।
आखिर कब्जा धारी किसकी छाया मे फल फूल रहे है ग्रामीण?
रामानुजगंज वन परिछेत्र के चंद्रनगर मे लाखो रुपये खर्च कर तार फिनिसिंग होता है और लाखो रुपये मजदूरी करके पैधा रोबन होता है लेकिन फरेस्ट के अधिकारी जैसी पौधा रोपण करके वापस जाता है पौधा उखाड़ फेकते है और तुरंत खेती करने लगते है, लेकिन अतिक्रमण कर खेती करने वाले ग्रामीण के ऊपर किसी प्रकार के कोई करवाई नहीं करते है आखिर सोचने वाली बात यह है की वन अधिनियम के तहत कोई धारा है या नहीं वन विभाग के भूमि पर खुले आम दोहन किया जा रहा है ईट भाटा बनया जा रहा है लाइट की बेवस्था करके खेती किसनी खुले आम किया जा रहा है. और न जाने कितने झारखंड से आकर खरीदी बिक्री कर फरेस्ट के जमीन खरीद कर निवास कर रहे है न कोई जांच न कोई करवाई आखिर चुप क्यों फारेस्ट विभाग चुप कही न कही मिली भगत है..







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