नाली निर्माण कार्य में सरपंच सचिव का मनमानी, ग्रामीण कर रहे हैं विरोध- स्विकृत जगह से 1.50 किलोमीटर दुर करा रहा निर्माण

विजय सिंह @बलरामपुर जिले में इन दिनों ग्राम पंचायत में विकास कार्य के नाम पर अजब गजब कारनामा देखने को मिल रहा हैं विकास कार्य के नाम पर कहीं मिट्टी से नाली निर्माण कर दिया जा रहा है कहीं बिना काम के ही पैसे निकाल लिए जा रहे हैं तो कहीं प्रस्तावित भूमि में नाली नहीं बनाकर जबरन किसी ग्रामीण के खेत पर लगे मक्के की खड़ी फसल को बर्बाद करते हुए जेसीबी से नाली निर्माण के लिए गद्दे खुदवा दिए जा रहे हैं, शासकीय राशि का बंदर बाट करने में तनिक भी बाज नहीं आ रहे हैं ऐसा ही एक और कारनामा भंवरमाल पंचायत से उजागर हुई है ,

दरअसल जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड क्षेत्र में आने वाले भंवर माल पंचायत में साल 2022-23 में आदिवासी विकास विभाग से संचालित केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आदि आदर्श योजना के तहत 20 लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण कार्य स्वीकृत हुई थी वही साल 2025 में यह काम की शुरुआत हुआ पर काम के शुरुआती दिनों में ही सरपंच सचिव की मनमानी के वजह से यह निर्माण कार्य विवादों में घीर गया, ग्रामीण निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत के खिलाफ अब कई तरह के गंभीर आरोप भी लगा रहे हैं उनका आरोप है की ग्रामीण की निजी जमीन पर जबरन गड्ढा खोदकर काम कराया जा रहा है जो की यह नाली बीच बस्ती पर प्रस्तावित है लेकिन वोट बैंक की वजह से ऐसा किया जा रहा है।

बता दे ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस निर्माण कार्य पर सरपंच सचिव अपनी मनमानी कर रहे हैं, और जहां नाली की जरूरत है बीच बस्ती खसरा नंबर 465 जगह पर बनना है और वहीं पर प्रस्तावित भी हुई है लेकिन वहां न बनाकर बस्ती से डेढ़ किलोमीटर बाहर जहां नाली की कोई जरूरत नहीं है वहां पर बनाया जा रहा है इस बात से साफ जाहिर होता है कि निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत अपनी मनमानी कर रहा है हद की बात तो यह है कि एक ग्रामीण की निजी जमीन पर बिना अनुमति लिए जबरदस्ती मक्के की फसल लगी हुई थी जहां जेसीबी लगाकर फसल को बर्बाद करते हुए नाली निर्माण के लिए गड्ढा खुदवा दिए।

स्थानीय सरिता सिंह ने बताया कि निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव के द्वारा बिना किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी दिए मेरे जमीन पर नाले के लिए गड्ढा खुदवा दिए हैं, मुझे किसी और के माध्यम से इस बात का जब पता चला तो उपसरपंच से बात की तो उनके द्वारा कहा गया कि हम बात करते हैं लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कोई बात नहीं हो पाई हालांकि अन्य ग्रामीण भी अब मांग कर रहे हैं की जहां यह नाली प्रस्तावित है वहीं पर बनना चाहिए जिससे ग्रामीणों को लाभ मिले बरसात के दिनों में सड़क पर पानी बहता है, सड़क चलने लायक नहीं रहती जैसे लेकर लंबे समय से विवाद चलते आ रहा है।

नाली निर्माण से संबंधित ग्रामीणों के तमाम आरोपों को लेकर जब एनडीटीवी ने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा पूरे मामले को लेकर तत्काल जांच कराई जाएगी जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी इतना ही नहीं उन्होंने अभी कहा कि जहां प्रस्तावित भूमि है वहीं पर नाली निर्माण कराया जाएगा और जो भी भुगतान हुए हैं उसका भी वसूली कराई जाएगी प्रस्तावित भूमि पर ही निर्माण कार्य होने पर भुगतान किया जाएगा फिलहाल अधिकारी जांच कर कार्रवाई की बात तो कह रहे हैं पर देखने वाली बात अब यह है कि मामले पर किस तरह की जांच होती है या फिर जांच के नाम पर इति श्री कर ली जाती है।

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